गुरुवार, 9 जुलाई 2015

क्या हाल हुआ ...!

क्या हाल हुआ आर्यावर्त का ,
कहाँ गए मानवता वाले !
कहां गयी करुणा संग ममता भी ,
सिमट गया आकाश ,
सिमट गई धरती ,
राम - कृष्ण की ये धरती ,
पल पल रहती है  मरती ,
कभी लूट गए आतातायी,
कभी लूट गए गोरिल्ले ,
लूटा खुचा जो बचा हुआ है ,
लूट रहे बन रघुराई ,
तुम भी लूटो हम भी लूटें ,
आखिर है मौसेरे भाई  !!
                                               विजय सिंह "संत"

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