गुरुवार, 9 जुलाई 2015

विचारणीय

                             समाधान
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  जिन्दगी के हर मोड़ पर, हर दौर में समस्याओं से इंसान घिरा रहता है,  उसे, उस समस्या का समाधान
चाहिए होता है ।
आपको पता है कि कितनों का समस्या अनसुलझा रह जाता है ।
७०-७५ प्रतिशत व्यक्तियों की समस्याएँ अनसुलझी रह जाती है उसका मुख्य कारण है अज्ञानता ..!
जी हां अज्ञानता बस इन्सान अपने समस्या का समाधान नहीं ढ़ूढ़ पाता , उसे सही मार्गदर्शक नहीं मिल पाते, उसे मिल जाते है राय चंद, वही राय चंद जो हर जगह आसानी से उपल्बध रहते है आपको राय देने के लिए, अपने तो जिन्दगी में कुछ किया नहीं दूसरे को मुफ्त में राय देते है अौर एहसान भी जताते है, ऊपर से हमें अपनी समस्याओं में अौर उलझा देते हैं ।
   हमें अपनी समस्याओं के अनुसार विशेषज्ञ सलाहकारों की आवश्यकता होती है, जो उस क्षेत्र में निपुण हो, जिनसे उचित सलाह प्राप्त कर हम अपनी समस्या का निदान कर सके, इसके लिए सर्वप्रथम हमें
अपनी एकाकीपन से बाहर निकलना होगा अौर अपने किसी खास मित्र ( खास मित्र का मतलब जो आपके समस्या को अपना समझे न कि पीठ पीछे चटखारे ले कर आपका उपहास करे)  के समक्ष अपनी समस्या रखना होगा , अब चाहे जैसी भी समस्या हो सुलझ जायेगी जानते है क्यूं, क्योंकि अब हम दो नहीं एक अौर एक मिल कर ग्यारह हो गये , समस्या का समाधान हो कर रहेगा ॥
  बस हमें दो काम करना है पहला मित्र के तलाश में राय चंद न मिल जाएं,  दूसरा मित्र जो वास्तव में मित्र ही हो !
         जय महा काल.!!
      
                                            विजय सिंह " संत "

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