दुःखद है:- कि बदले की भावना विश्व में विश्व निर्माण से चला आ रहा है और हम तब भी व अब भी इस कृत के लिए दोषी हैं ।
एक कहावत है
' आज हमारी कल तुम्हारी, देखो लोगों बारी-बारी '
इन्दिरा ने जेपी आन्दोलन के सभी कर्णधारों को राजनीति से प्रेरित होकर अंदर किया ...,
देसाई ने मौका मिलने पर इन्दिरा को हिरासत में लिया ।
आज के दौर में अपराधिक मामले में अमित शाह अंदर गये व बा इज्जत बाहर आए ,
अब चिदम्बरम घोटाले में अन्दर गये ..!
वाह क्या बात है ....!!
कानून कोर्ट तब भी था ..
अब भी है ...!
किसी भाजपाई या कांग्रेसी को परेशान होने की जरुरत लेस. मात्र का नहीं होना चाहिए, क्योंकि कानून तब भी अपना काम कर रहा था और अब भी करेगा ...!
लेकिन दुःखद ...ये बदले की कार्यवाही बंद होनी चाहिए, लेकिन होगा नहीं ..
हमारे रगो में बदला लेने की भावना तो सदियों से है ..तो समाज ..देश व दुनिया. से क्यूं न लिया जाए ।✍✍
गुरुवार, 22 अगस्त 2019
राजनितिक व सामजिक ......!
रविवार, 17 फ़रवरी 2019
पाकिस्तान साफ
ऎ हम वतन , हम देश व हम साया ,
मिट रही है हमारी सुरक्षा की काया !!
कभी पैदा करते थे हम शिक्षक, साधू व दरवेश ..।
आज पैदा कर रहे,राक्षस मानुष रुपी वेष ।
क्या बात है कि हम आज खुद पर शर्मिंदा है ,
दुश्मन छाती पर मूंग दले, फिर भी हम ज़िंदा हैं !!
परमाणु बम से ना घबराओ मोदी जी ,
लाख ईधर मर जायेगें
पर साफ पाक को कर जायेगें मोदी जी .!!
आर पार की बात हुयी व बहुत हुई ,
आन बान की बात हुई तो बहुत हुई ,
रण चंडी इन्दिरा बन जाओ मोदी जी .!
अब तो सबक सिखाओ मोदी जी ..!!
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