ऎ हम वतन , हम देश व हम साया ,
मिट रही है हमारी सुरक्षा की काया !!
कभी पैदा करते थे हम शिक्षक, साधू व दरवेश ..।
आज पैदा कर रहे,राक्षस रुपी मानुष के वेष ।
क्या बात है कि हम आज खुद पर शर्मिंदा है ,
दुश्मन छाती पर मूंग दले, फिर भी हम ज़िंदा हैं ??
परमाणु बम से ना घबराओ मोदी जी ,
लाख ईधर मर जायेगें
पर पाक को साफ कर जाओ मोदी जी .!!
आर पार की बात हुयी व बहुत हुई ,
आन बान की बात हुई तो बहुत हुई ,
रण चंडी इन्दिरा बन जाओ मोदी जी .!
अब तो सबक सिखाओ मोदी जी ..!!
:- विजय सिंह " संत "
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
गुरुवार, 17 फ़रवरी 2022
मोदी जी
सोमवार, 17 जनवरी 2022
बुतपरस्त
बुतपरस्ती का इल्जाम न देना मेरे दोस्त, इश्क़ इन्सां को कभी भी आजमा सकती है ।कयामत से पहले कयामत भी आये, हुस्न की तासी़र कुछ भी जला सकती है ॥👊👊 "सन्त "💞♥
शनिवार, 1 जनवरी 2022
नये साल की बधाई..!!
*नये वर्ष की बधाई व शुभकामनाएँ..!*
बहुत से प्रिय साथ हैं..,
बहुत से प्रिय सब साथ हैं...,
पर एक साल तो बीत गया.!
जो बीत गया सो बीत गया.!!
बहुतेरे कुछ अच्छा हुआ,
बहुतेरे कुछ बुरा हुआ,
पर एक साल तो बीत गया..!
जो बीत गया सो बीत गया..!!
बहुतों से हम भी मिले जुड़े,
बहुतों से हम मिले बिछड़े,
पर एक साल तो बीत गया..!
जो बीत गया सो बीत गया..!!
बहुतों से मोह हुआ,
बहुतों से विक्षोह हुआ,
पर एक साल तो बीत गया..!
जो बीत गया सो बीत गया..!!
नये वर्ष का आगाज है....,
कुछ अच्छा हो अन्दाज है..,
बीते वर्षो से कुछ हम सीखे,
बीत रहा तो हर सांस है ..!!
हम साथ रहे नित्य आगे बढ़े.,
इसमें ही तो हर बात है...!!
नये वर्ष में खुशियाँ ही हो.,
जो बीत गया सो बीत गया..!!
पर कई साल तो बीत गया..?
विजय सिंह " संत "
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