ऎ हम वतन , हम देश व हम साया ,
मिट रही है हमारी सुरक्षा की काया !!
कभी पैदा करते थे हम शिक्षक, साधू व दरवेश ..।
आज पैदा कर रहे,राक्षस मानुष रुपी वेष ।
क्या बात है कि हम आज खुद पर शर्मिंदा है ,
दुश्मन छाती पर मूंग दले, फिर भी हम ज़िंदा हैं !!
परमाणु बम से ना घबराओ मोदी जी ,
लाख ईधर मर जायेगें
पर साफ पाक को कर जायेगें मोदी जी .!!
आर पार की बात हुयी व बहुत हुई ,
आन बान की बात हुई तो बहुत हुई ,
रण चंडी इन्दिरा बन जाओ मोदी जी .!
अब तो सबक सिखाओ मोदी जी ..!!