विजय सिंह " संत "
सोमवार, 17 जनवरी 2022
बुतपरस्त
बुतपरस्ती का इल्जाम न देना मेरे दोस्त, इश्क़ इन्सां को कभी भी आजमा सकती है ।कयामत से पहले कयामत भी आये, हुस्न की तासी़र कुछ भी जला सकती है ॥👊👊 "सन्त "💞♥
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