अाज हमारी पुण्य तिथि है ।
वर्षण हुआ तृप्त है मानव ,
आज हमारी कर्म तिथि है,
आज हमारी पुण्य तिथि है ॥
कृषक रहे परेशान,
गिरा हो बरसा इन्द्र भगवान ,
रोपनी हो आसान ,
दाम डीजल की बढी है
आज हमारी इन्द्र तिथि है ।।
बिजली है पर बिजली नही है,
बोरिंग. है जल स्तर गिरा है,
पानी नही है,
पानी पर चिन्ता करे न कोई,
चिन्ता की यही बात,
अपनी जेबें भरे ए नेता,
होड़ लूटन की लगी है ।
आज हमारी भारत उदय तिथि है ॥
साहब को देने है,
साहब देगें साहब को
साहब देगें उन साहब को
जो देगें दिल्ली वाले साहब को,
घूसखोरी चहुँवोर है छायी,
अवसर रोजगार बढ़ी है ।
आज हमारी श्रेष्ठ तिथि है ॥
साधु आया चिल्लाया,
जै जै जै जै सीता राम,
दान दक्षिणा जो ज्यादे देगा
उसका होगा ज्यादे कल्याण
साधु की गठरी बड़ी है ।
अाज हमारी सत्य तिथि है ॥
पानी बचाये पानी सजोये
पानी ही पहला आहार ,
पानी से ही जगत है चलना
पानी बिन सोचो यार,
अगली पीढी को दे जाएं
ऎसा करे विचार,
बादल के गर्जन है
घटाओं के संगम है,
जमकर बरसात हुयी है।
आज हमारी संत तिथि है ॥
आज हमारी पुण्य तिथि है ॥
:----विजय सिंह " संत "
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